ब्यूरो चीफ इशहाम खान शाहजहांपुर
बिकरनपुर निगोही में अकीदत से मनी ईद-उल-अजहामस्जिद में अदा हुई नमाज, गले मिलकर दी एक-दूसरे को मुबारकबाद मुल्क में अमन-चैन और खुशहाली के लिए मांगी गई दुआएं
निगोही।क्षेत्र के गांव बिकरनपुर जुमरात को ईद-उल-अजहा का त्योहार आपसी भाईचारे और अकीदत के साथ मनाया गया। सुबह से ही गांव की मस्जिद में नमाजियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। बच्चों से लेकर बूढ़े और नवयुवकों ने नए कपड़े पहनकर नमाज अदा की।
मस्जिद में पढ़ी गई विशेष नमाज
गांव की जामा मस्जिद में सुबह 8:00 बजे ईद-उल-अजहा की विशेष नमाज अदा की गई। इमाम साहब ने नमाज के बाद मुल्क-ए-हिंदुस्तान की तरक्की, खुशहाली और अमन-चैन के लिए खुदा से खास इबादत की। नमाज के बाद सभी ने एक दूसरे के गले मिलकर ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद दी।
कब्रिस्तान में पढ़ी फातिहा
नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने कब्रिस्तान पहुंचकर अपने पुरखों की मजारों पर फातिहा पढ़ी। मरहूमों के लिए मगफिरत की दुआ की गई। कई परिवारों ने कब्रों पर फूल भी चढ़ाए।
इमाम साहब को पेश किया नजराना
परंपरा के अनुसार नमाजियों ने मस्जिद में इमाम साहब को नजराना पेश किया। इमाम साहब ने सभी को ईद की मुबारकबाद देते हुए कुर्बानी के असली मायने समझाए। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा हमें त्याग, सब्र और गरीबों की मदद का पैगाम देती है।
गांव में दिखा भाईचारे का माहौल
ईद के मौके पर गांव में हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिली। दूसरे समुदाय के लोगों ने भी मुस्लिम भाइयों को घर-घर जाकर ईद की बधाई दी। कुर्बानी के बाद गोश्त को गरीबों और जरूरतमंदों में तकसीम किया गया।